परंपरा एवं साधना

शास्त्रीय पराशर पद्धति

इंदौर के परदेशीपुरास्थित केंद्र में पंडित ओमप्रकाश पंचोली पारंपरिक गुरु परंपरा अनुसार जन्मपत्रिका का गहन अध्ययन करते हैं। यहाँ प्रत्येक गणना प्रामाणिक पंचांग और ग्रह गणित पर आधारित है।

परामर्श दृष्टि

भयमुक्त मार्गदर्शन एवं मर्यादा

सनातन ज्योतिष को किसी भय अथवा अनावश्यक अनुष्ठानों का माध्यम बनाना शास्त्रीय सिद्धांतों के विरुद्ध है। हमारी पीठ पर ग्रहों की दशा और अंतर्दशा का शांत भाव से परीक्षण किया जाता है, ताकि व्यक्ति को अपने कर्म और निर्णय के प्रति स्पष्ट समझ मिल सके।

यहाँ दिए जाने वाले उपाय पूर्णतः शास्त्र सम्मत, सुगम और व्यक्ति की सामर्थ्य के अनुकूल होते हैं। प्रत्येक यजमान को बिना किसी जल्दबाजी के पर्याप्त समय देकर उनकी पारिवारिक व व्यक्तिगत परिस्थितियों पर विचार किया जाता है।

परामर्श क्रम

अध्ययन की तीन विधियां

01
02
03

जन्म विवरण सत्यापन

ग्रह स्थिति विवेचन

शास्त्रोक्त सुगम उपाय

जन्म तिथि, सटीक समय और स्थान के आधार पर लग्न कुण्डली, नवमांश और भाव चलित का सूक्ष्म गणितीय परीक्षण किया जाता है।

वर्तमान महादशा, गोचर और पाप-शुभ ग्रहों के दृष्टि संबंधों का वस्तुनिष्ठ विश्लेषण कर समस्या के मूल कारणों की पहचान होती है।

दोष निवारण हेतु नित्य जप, दान, व्रत और आवश्यकतानुसार पारदर्शी वैदिक अनुष्ठान की स्पष्ट योजना साझा की जाती है।

व्यक्तिगत परामर्श का समय सुनिश्चित करें

प्रत्यक्ष अथवा दूरभाष माध्यम से अपनी जन्मपत्रिका के विश्लेषण हेतु अग्रिम समय प्राप्त करें।